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हरियाणा-यूपी व पंजाब राज्य की मंडियों में बिकने वाली बासमती धान में आई तेजी

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नई दिल्ली, (सुभाष भारती):
बासमती धान का उत्पादन औसतन 25 से 30 प्रतिशत कम होने के चौतरफा अनुमान के चलते किसान मंडियों में धान कम ला रहे हैं, जिसके चलते गत 5-6 दिनों के अंतराल सभी तरह की बारीक धान की किस्मों में 200-250 रूपये प्रति किवंटल की तेजी हुई। इसी कारण चावल के दाम भी 400-450 रूपये प्रति किवंटल बढ़े तथा इसी ऐरिया की मंडियों में 500 रूपये की ओर तेजी आने के बाद भी ठहराव लगता है। 
इस बार मौसम की मार धान की फसल पर बिजाई से लेकर पकने के समय तक पड़ती रही है, जिसके चलते धान 1509, 1408, 1401 और 1121 की फसल औसतन इस बार 25-30 प्रतिशत कम हुई है। यही कारण है कि पिछले डेढ़ महीने के अंतराल में यूपी, हरियाणा, पंजाब की किसी भी मंडी में आवक का दबाव गत वर्ष जैसा नहीं बन पाया। इस समय तो स्थिति यह बन गई है कि राइस मिलें एक दिन पहले ही किसानों के माल के अग्रिम भुगतान करके दूसरे दिन आने वाले धान के सौदे करने लगे हैं, जिससे तरावड़ी, कैथल, टोहाना, निसिंग एवं करनाल मंडी में सरपट तेजी का रूख बना हुआ। आज उक्त मंडियों में धान में डस्ट के हिसाब से 1121 का 3650/3730 रूपये में व्यापार हो गया। यूपी के दादरी, दनकौर लाइन में 3600 रूपये एवं जहांगीराबाद-बरेली में 3550-3600 रूपये तक व्यापार हो गया। धान 1509 भी 300 रूपये उछलकर उक्त अवधि के अंतराल उक्त मंडियों में 3150/3250 रूपये की ऊँचाई पर पहुंच गया। इसका सेला राइस मिलों में 6400 बोलने लगे तथा स्टीम 7400 रूपये पर जा पहुंचा। इसके इलावा 1121 सेला 7050/7100 रूपये एवं स्टीम 7800 रूपये बिक गया। अभी 500 रूपये प्रति किवंटल की चावल एवं धान में 300 रूपये की ओर तेजी के बाद ही बाजार में टैम्प्रेरी रूकावट आएगी।


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