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जलालाबाद के राइस मिलर्स 9 तक नहीं करेंगे परमल व बासमती धान की खरीद

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जलालाबाद, (व्यापार समीक्षा संवाददाता):
पंजाब सरकार द्वारा चालू सीजन दौरान धान के खरीद प्रबंधों को लेकर बनाई गई नई पालिसी तथा मंडियों में आ रहे निर्धारित नमी से अधिक नमी वाले धान के विरोध में शैलर मालिकों ने 9 अक्तूबर तक मंडियों में परमल धान की खरीद करने से मना कर दिया है। उधर इस बार धान की बिजाई लेट होने व पिछले दिनों हुई बेमौसमी बरसात से धान में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं वहीं महा मार्कीट कमेटी के अधिकारीयों द्वारा नमी वाले धान की आवक पर नजर रखी जा रही है।
वहीं सरकारी खरीद एजेंसियां भी नमी वाले धान की खरीद से परहेज कर रही हैं। इसकी मिसाल जलालाबाद की अनाज मंडी से देखी जा सकती है जहां मार्कीट कमेटी अधिकारीयों द्वारा नमी वाले धान की ट्रालियां भी वापिस भेजी गईं। हालांकि कैप्टन अमरिन्द्र सिंह द्वारा एफसीआई को पत्र भी लिखा गया है जिसमें धान की नमी बढ़ाने के बारे में लिखा गया है क्योंकि बेमौसमी बारिश के कारण धान की फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई है व दूसरी ओर मौसम में बदलाव के कारण भी धान में नमी कम होने के आसार नहीं हैं।

- शैलर मिलरों की चेतावनी: मापदंडों से अधिक नमी वाला धान मिलों में स्टोर नहीं करवाएंगे
गत देर शाम राइस मिलरों की शिव भवन में हुई बैठक में प्रेम वलेचा, अश्विनी सिडाना, कपिल गुम्बर, ब्रिज मोहन वाटस, दर्शन लाल वधवा, मा. बलविन्द्र सिंह गुराया, रमन सिडाना, रजिन्द्र घीक, अनिल वलेचा आदि ने जहां सरकार की नई पालिसी का विरोध किया, वहीं मंडियों में नमी वाला धान आने के कारण 9 अक्तूबर तक राइस मिलरों ने परमल व बासमती धान की खरीद न करने का फैसला भी लिया। राइस मिलर्स ने यह भी फैसला किया है कि मंडियों में से उनकी मिलों पर जो धान आएगा उसकी ट्रांसपोर्टेशन ठेकेदार करेगा न कि राइस मिलर करेंगे।
 
- 20 लाख किवंटल से अधिक धान की आमद होने के आसार
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जलालाबाद की मुख्य अनाज मंडी और इसके अधीन पड़ते फोकल प्वाइंटों में करीब 17 लाख 66 हजार 700 किवंटल परमल धान की खररीद हुई थी और इसके इलावा 12 लाख 67 हजार 350 किवंटन बासमती की आमद हुई थी, परन्तु इस बार परमल धान की आमद में विस्तार होने के आसार हैं और करीब 20 लाख किवंटल से अधिक धान की आमद हो सकती है। 

- 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाला धान न उतरवायें आढ़ती
इस संबंधी आढि़तया यूनियन के अध्यक्ष जरनैल सिंह मुखीजा और चन्द्र प्रकाश ने बताया कि धान की खरीद के सभी प्रबंध मुकम्मल हैं। किसान मंडी में धान को सुखाकर ही लेकर आयें ताकि किसानों को मंडी में धान की सेल करते कोई परेशानी न आये। आढ़ती नेताओं ने मंडी के सभी आढि़तयों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी आढ़ती अपनी दुकान पर 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाला धान नं उतरवाये और अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो उस आढ़ती पर कार्रवाई की जाएगी।

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