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हरियाणा के राइस मिलों की पी.वी. के लिए सरकार द्वारा भेजी टीम के रोषपूर्वक मिलर्स हड़ताल पर

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करनाल, (व्यापार समीक्षा संवाददाता):
धान की सरकारी खरीद में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार एक्शन मूड में दिखाई दे रही है। इसी के चलते सरकार ने राइस मिलों की फिजिकल वैरीफिकेशन के लिए करनाल में टीम भेज दी जिसका पता चलते ही सभी राइस मिलर धान की खरीद छोड़ हड़ताल पर बैठ गए जिससे मंडियों में धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया ठप्प हो गई।
राइस मिलर्स की दोनों यूनियनों के प्रधानों ने संयुक्त रूप से जी.टी. रोड़ स्थित एक निजी होटल में आपात मीटिंग कर सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए ऐलान कर दिया कि वे फिजिकल वैरीफिकेशन का विरोध करते हैं, अगर फिजिकल वैरीफिकेशन का निर्णय वापस नहीं होता, तब तक मिलिर धान की खरीद नहीं करेंगी।

- फिजिकल वैरीफिकेशन में ये होगा
पहले सरकार 15 से 30 नवंबर तक और 15 से फरवरी के अंत तक राइस मिलों का फिजिकल वैरीफिकेशन करवाती थी लेकिन इस बार अभी से ही फिजिकल वैरीफिकेशन शुरू कर दी। यही नहीं, टीम मंडी से रजिस्टर और जे-फार्म लेगी और सीधे तौर से किसान से पूछेगी कि क्या आपकी धान खरीदी गई है, अगर किसान कहता है कि खरीदी गई तो उस धान को टीम के सदस्य संबंधित मिल में जाकर चैक करेंगी।
अगर किसान कहता है कि नहीं खरीदी है तो आढ़ती पर गाज गिरेगी। फिजिकल वैरीफिकेशन एक बार नहीं कई बार होगी।

- राइस मिलरों ने ये रखा तर्क
प्रधान विनोद गोयल व विजय ठक्कर ने संयुक्त रूप से सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए बताया कि वे मिलों की फिजिकल वैरीफिकेशन का विरोध करते हैं, जिन राइस मिलों का रिकार्ड ठीक है, उनकी फिजिकल वैरीफिकेशन न की जाए। अगर सरकार को फिजिकल वैरीफिकेशन करनी है तो वे खरीद के करीब डेढ़ या 2 माह बाद की जाए, क्योंकि उस समय परचेज बंद हो जाती है। पहले से ही एक फिजिकल वैरीफिकेशन चल रही है, अब दूसरी फिजिकल वैरीफिकेशन शुरू कर दी। इससे राइस मिलर धान खरीदे या काम करे। सरकार अपना फरमान वापिस ले या फिर स्वयं धान की खरीद करे।

- गोबिंद राइस मिलर पर कार्रवाई पर जताया रोष
राइस मिलरों ने कहा कि वे चावल ट्रेडिंग करते हैं लेकिन सरकार ने गोबिंद राइस मिल पर पीडीएस के चावल के नाम पर रियायती की है जो गलत है। अधिकारी अपना निर्णय वापस ले और मिल की सीएमआर बहाल करे। साथ ही 5 प्रतिशत की जो गारंटी राइस मिलर्स पर लगाई है, उसे समाप्त किया जाए।

- क्या कहते हैं प्रधान
पंचायत नई अनाज मंडी आढ़ती एसो. के अध्यक्ष रजनीश चौधरी ने बताया कि इस समय जो समस्या है उसका समाधान सरकार राइस मिलर्स के साथ बातचीत कर जल्द करे ताकि किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो। अगर मामला लम्बा चलता है तो परेशानी किसानों को ही होगी। उधर डीएफएससी कुशल बुरा ने कहा कि मिलर्स के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही धान की खरीद शुरू हो जाएगी।

राइस मिलर्स के मामले को गंभीरता को देखते हुए राज्य मंत्री कर्ण देव ने राइस मिलर्स के साथ बैठक की जोकि किसी भी परिणाम पर नहीं पहुंच सकी और उधर मिलर्स अपनी मांग को लेकर डटे रहे।

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